बिहार की राजनीति में सीट बंटवारे को लेकर चल रही सियासी हलचल के बीच जनता दल (यूनाइटेड) [JDU] के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय झा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नाराज़गी की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है।
उन्होंने विपक्ष पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि यह “महागठबंधन की अफवाह राजनीति” है, जो बिहार NDA के भीतर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है।
🔹 क्या है विवाद की जड़?
हाल ही में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया कि बिहार विधानसभा चुनाव से पहले सीट बंटवारे के फॉर्मूले को लेकर नीतीश कुमार असंतुष्ट हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (BJP) को कई मजबूत सीटें और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को अपेक्षा से अधिक सीटें मिलने से नीतीश कुमार नाखुश बताए जा रहे थे।
🔹 संजय झा का बयान: “नीतीश कुमार खुश हैं, NDA में सब ठीक है”
इन अटकलों पर विराम लगाते हुए संजय झा ने कहा,
“नीतीश कुमार बिल्कुल खुश हैं। सीट बंटवारे को लेकर कोई मतभेद नहीं है। NDA एकजुट है और चुनाव नीतीश कुमार के नेतृत्व में लड़ेगा।”
उन्होंने आगे कहा कि जेडीयू में सीट बंटवारे और उम्मीदवार चयन से जुड़ा हर निर्णय नीतीश कुमार की सहमति से ही होता है।
संजय झा ने इसे विपक्ष का “प्रचार का हथकंडा” बताया और कहा कि महागठबंधन जनता का समर्थन न मिलने के कारण ऐसे झूठे दावे फैला रहा है।
🔹 विपक्ष पर तीखा हमला
संजय झा ने महागठबंधन पर हमला करते हुए कहा,
“ये लोग जनता में अपनी जमीन खो चुके हैं। इसलिए अब NDA की एकजुटता पर सवाल उठाकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।”
उन्होंने विपक्ष को चेतावनी देते हुए कहा कि बिहार की जनता सब जानती है और आने वाले चुनाव में “सच्चाई और विकास की राजनीति” को ही वोट देगी।
🔹 जेडीयू में सब कुछ नियंत्रण में?
भले ही संजय झा ने किसी भी मतभेद से इनकार किया हो, लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि NDA के कुछ छोटे घटक दल सीट बंटवारे में अपनी हिस्सेदारी को लेकर असंतुष्ट हैं।
हिंदुस्तान आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के नेता जीतन राम मांझी ने भी हाल ही में कहा था कि “अगर जेडीयू नाराज़ है, तो उसकी नाराज़गी जायज़ है।”
इसके बावजूद, जेडीयू के नेता एक ही बात दोहरा रहे हैं — “NDA में सब कुछ ठीक है।”
🔹 आगे की राजनीतिक तस्वीर
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिहार NDA फिलहाल एकता दिखाने में जुटा है, ताकि विपक्षी महागठबंधन को कोई राजनीतिक लाभ न मिल सके।
नीतीश कुमार, जिन्होंने कई बार गठबंधन बदले हैं, इस बार स्थिरता और नेतृत्व की छवि को बनाए रखने पर ध्यान दे रहे हैं।
वहीं, बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व ने भी इस पूरे विवाद पर टिप्पणी से बचते हुए “कोई मतभेद नहीं” की लाइन बनाए रखी है।
निष्कर्ष
बिहार NDA के भीतर सीट बंटवारे पर उठी अटकलों के बीच संजय झा का बयान एक राजनीतिक संदेश है —
कि गठबंधन में सब कुछ सामान्य है और किसी भी “बड़ी नाराज़गी” की बात पूरी तरह बेबुनियाद है।
अब देखना यह होगा कि आने वाले दिनों में NDA का यह एकजुट चेहरा चुनावी मैदान में कितना टिकता है.
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