बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राजनीति का तापमान बढ़ गया है, और इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर दिए अपने ताजा बयान से सियासी हलचल मचा दी है। शाह ने यह बयान बिहार के सासाराम में एक चुनावी सभा के दौरान दिया, जहाँ उन्होंने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि “NDA इस चुनाव को नीतीश कुमार की अगुवाई में लड़ रहा है, लेकिन मुख्यमंत्री का फैसला चुनाव के बाद NDA के सभी दल मिलकर करेंगे।”
🔹 अमित शाह का बयान क्या था?
सभा के दौरान पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवाल पर कि अगर NDA बहुमत में आती है तो क्या नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री रहेंगे, शाह ने स्पष्ट शब्दों में कहा —
“मैं कोई मुख्यमंत्री चुनने वाला व्यक्ति नहीं हूँ। हमें यह फैसला NDA के नेताओं पर छोड़ देना चाहिए। बीजेपी गठबंधन की मर्यादा को हमेशा बनाए रखेगी।”
उन्होंने आगे कहा कि 2020 के चुनाव में भी बीजेपी के पास अधिक विधायक थे, फिर भी पार्टी ने गठबंधन धर्म निभाते हुए नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाया था।
“हमने पहले भी वादा निभाया और नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाया, अब भी वही परंपरा जारी रहेगी। NDA में फैसला सामूहिक रूप से होगा।”
🔹 नीतीश कुमार और बीजेपी के रिश्ते
नीतीश कुमार और बीजेपी के रिश्तों में पिछले कुछ वर्षों में कई उतार-चढ़ाव आए हैं। 2022 में जब नीतीश ने महागठबंधन का दामन थामा था, तब अमित शाह ने उन पर तीखा हमला बोला था। लेकिन 2024 में फिर से NDA में उनकी वापसी के बाद दोनों दलों ने राजनीतिक संतुलन बनाए रखा है।
अमित शाह का यह बयान भी इसी संतुलन को दिखाता है — जहाँ उन्होंने नीतीश को गठबंधन का चेहरा माना, लेकिन मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई व्यक्तिगत गारंटी नहीं दी।
🔹 चुनावी समीकरण
बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले बीजेपी, जेडीयू, एलजेपी (रामविलास), हम (जीतनराम मांझी) और कुछ छोटे दल NDA के बैनर तले चुनाव लड़ रहे हैं।
विपक्ष की ओर से महागठबंधन (राजद, कांग्रेस, और वाम दल) अपनी ताकत आजमाने में जुटा है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, अमित शाह का यह बयान रणनीतिक कदम है, जिससे NDA के भीतर के दलों को संतुलित रखा जा सके और नेतृत्व पर विवाद की गुंजाइश न बचे।
🔹 जनता की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर शाह के इस बयान को लेकर बहस तेज है।
कई लोगों का मानना है कि यह बयान नीतीश कुमार की सीमित भूमिका का संकेत है, जबकि कुछ समर्थक इसे NDA की एकजुटता का संदेश मान रहे हैं।
ट्विटर (X) पर “#AmitShah” और “#NitishKumar” ट्रेंड कर रहे हैं, जहाँ समर्थक और विरोधी दोनों अपने-अपने नजरिए से इसे देख रहे हैं।
🔹 निष्कर्ष
अमित शाह का यह बयान बिहार की राजनीति में कई संकेत छोड़ गया है —
एक तरफ उन्होंने गठबंधन की एकता पर जोर दिया, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बयान पर नीतीश कुमार और जेडीयू की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है और यह NDA के भीतर आगे के समीकरणों को कैसे प्रभावित करता है।
📌 मुख्य बिंदु एक नजर में:
- अमित शाह बोले – “NDA चुनाव नीतीश कुमार की अगुवाई में लड़ रहा है।”
- मुख्यमंत्री पद का फैसला चुनाव बाद NDA के नेता करेंगे।
- बीजेपी ने 2020 में भी गठबंधन धर्म निभाते हुए नीतीश को सीएम बनाया था।
- बयान से बिहार की सियासत में नई चर्चाएं शुरू।
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