बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर कांग्रेस पार्टी ने आखिरकार अपनी पहली उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। इस सूची में 48 उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं। पार्टी ने इस बार सामाजिक समीकरणों और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवारों का चयन किया है।
सूत्रों के अनुसार, बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी (BPCC) के अध्यक्ष राजेश राम को कुटुंबा विधानसभा क्षेत्र से टिकट दिया गया है। वहीं, वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक शकील अहमद खान को कदमकुआं सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। इसके अलावा, प्रकाश गरीब दास को बछवाड़ा विधानसभा क्षेत्र से टिकट मिला है।
🔹 48 नामों की पहली सूची में कौन-कौन?
कांग्रेस की पहली सूची में पुराने और नए चेहरों का मिश्रण देखने को मिला है। दलित, पिछड़े वर्ग, मुस्लिम और महिला उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी गई है। पार्टी सूत्रों ने बताया कि यह सूची राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की मंजूरी के बाद जारी की गई है।
🔹 प्रमुख उम्मीदवारों की झलक:
| उम्मीदवार का नाम | विधानसभा क्षेत्र | प्रमुख पहचान |
|---|---|---|
| राजेश राम | कुटुंबा | बिहार कांग्रेस अध्यक्ष |
| शकील अहमद खान | कदमकुआं | वरिष्ठ कांग्रेस नेता |
| प्रकाश गरीब दास | बछवाड़ा | सामाजिक कार्यकर्ता |
| रेखा पासवान | सीतामढ़ी | महिला मोर्चा प्रतिनिधि |
| मोहम्मद सलीम | किशनगंज | युवा कांग्रेस नेता |
🔹 कांग्रेस की रणनीति
कांग्रेस इस बार बिहार में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए “न्याय यात्रा” और “जन संवाद अभियान” पर फोकस कर रही है। पार्टी का लक्ष्य है कि राज्य में भाजपा-जदयू गठबंधन के खिलाफ एक मजबूत विकल्प के रूप में खुद को स्थापित किया जाए। कांग्रेस का कहना है कि उनकी उम्मीदवार सूची राज्य की सामाजिक विविधता और नये नेतृत्व को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बनाई गई है।
🔹 राजेश राम का बयान
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने कहा —
“यह सिर्फ उम्मीदवारों की सूची नहीं, बल्कि बिहार में बदलाव की शुरुआत है। कांग्रेस इस बार जनता की समस्याओं, युवाओं की बेरोजगारी और किसानों की परेशानियों को लेकर मैदान में उतरी है।”
🔹 आगे क्या?
कांग्रेस की दूसरी सूची जल्द जारी होने की संभावना है, जिसमें शेष 95 सीटों पर प्रत्याशियों के नाम तय होंगे। पार्टी रणनीतिकारों के मुताबिक, गठबंधन की सीट शेयरिंग को लेकर भी जल्द अंतिम फैसला लिया जाएगा।
निष्कर्ष:
बिहार कांग्रेस की यह पहली सूची बताती है कि पार्टी इस बार अनुभव और युवा ऊर्जा दोनों पर भरोसा कर रही है। अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह नई टीम राज्य की सियासत में कांग्रेस के लिए पुनर्जागरण का रास्ता खोलेगी।
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