गुजरात में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटना सामने आई है, जहां मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को छोड़कर राज्य के सभी 16 मंत्रियों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। यह कदम शुक्रवार को होने वाली कैबिनेट विस्तार की प्रक्रिया से पहले उठाया गया है। इससे यह संकेत मिलता है कि राज्य सरकार में बड़े पैमाने पर फेरबदल होने जा रहा है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल का भविष्य
भूपेंद्र पटेल ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं दिया है, जिससे यह स्पष्ट है कि वे आगामी कैबिनेट विस्तार में अपनी स्थिति बनाए रखेंगे। सूत्रों के अनुसार, नए मंत्रिमंडल में 25 मंत्रियों तक की संख्या हो सकती है, जो राज्य की संवैधानिक सीमा के करीब है। इसमें से लगभग 10 नए चेहरे शामिल हो सकते हैं, जबकि मौजूदा मंत्रियों में से आधे को हटाया जा सकता है।
कैबिनेट विस्तार की रणनीति
भाजपा की यह रणनीति आगामी स्थानीय निकाय चुनावों और विधानसभा चुनावों की तैयारी के तहत है। नए मंत्रिमंडल में सौराष्ट्र क्षेत्र और राजनीतिक रूप से प्रभावशाली लेउवा पटेल समुदाय का अधिक प्रतिनिधित्व हो सकता है। इसके अलावा, पार्टी में शामिल होने वाले कांग्रेस के संभावित नेताओं को भी मंत्रिमंडल में स्थान मिल सकता है।
निष्कर्ष
गुजरात में भाजपा द्वारा उठाया गया यह कदम राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव की ओर इशारा करता है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में होने वाला यह कैबिनेट विस्तार पार्टी की आगामी चुनावी रणनीति का हिस्सा है, जो राज्य में भाजपा की स्थिति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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